So Jaoon Kuch Pal Seene Se Lag Kar

सो जाऊं कुछ पल तुम्हारे सीने से लग कर,
आज न ज़ाने ये दिल क्यूँ घबरा रहा है,
कर रहा है ये चाँद सितारों से बातें,
और धड़कनो को न ज़ाने क्यूँ बढ़ा रहा है,

शायद समा जाना चाहता है तेरी बाहों में,
हर खुशी और गम को भुला देना चाहता है,
दुनिया की नज़रों से छुपते छुपाते आज ये,
दिल सिर्फ़ तेरे दिल पे पनाह लेना चाहता है,

तेरी धड़कन को अपनी धड़कन बना कर ये,
तेरी सांसो को आगोश में भरना चाहता है,
लिपट कर तेरे सीने से आज मेरा तन मन,
तेरी प्यार की अगन में खो जाना चाहता है!

भूलना चाहती हूँ में सब कुछ तेरे सिवा,
ये मौसम भी देखो तुझमे समाना चाहता है,
देखो कैसे ये मुझे छेड़ रहा है हर पल,
ये मुझे आज तेरे करीब लाना चाहता है!

सो जाऊं कुछ पल तुम्हारे सीने से लग कर,
आज न ज़ाने ये दिल क्यूँ घबरा रहा है,
कर रहा है ये चाँद सितारों से बातें,
और धड़कनो को न ज़ाने क्यूँ बढ़ा रहा है!!

 

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