Choom Loongi Teri In Nasheeli Aankhon Ko Chupke Se

चूम लूँगी तेरी आँखों को चुपके से,
तेरे सारे सपने अपने बना लूँगी!

तेरे लबों पे है जो न-कही बातें,
उन्हें अपने लबों से आज चुरा लूँगी!

खो जाएगा जब तू मेरी जिलफोन तले,
एक महका सा सावन बरसा दूँगी!

तेरी तेज़ होती इन साँसों में सनम,
मैं अपनी साँसों की सरगम मिला दूँगी!

कर दूँगी तेरे कानो में कुछ ऐसी सरगोशियाँ,
तेरे दिल की धड़कनो को मैं आज बढ़ा दूँगी!

कसम लेगा जब तू अपनी बाहों के घेरे में,
अपने दामन से मैं भी तुझको लिपटा लूँगी!!

Choom Loongi Teri In Nasheeli Aankhon Ko Chupke Se
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