Meri Gali Se Wo Jab Bhi Gujarta Hoga

मेरी गली से वो जब भी गुज़रता होगा,
मोड़ पे जाके कुछ देर ठहरता होगा,
भूल जाना मुझको इतना आसान तो ना होगा,
दिल में कुछ टूट के तो बिखरता होगा,

साथ देखे थे जो उन ख्वाबों का कारवां,
गम बनकर उसकी आँखो मे उभरता होगा,
कोई जब चूमता होगा उसे बाँहो मे लेकर,
मेरा प्यार बदन मे उसके सिहरता होगा,

उसकी जुल्फों को मेरी उंगलियाँ दुलारती होंगी,
सामने आईने के वो जब भी सँवारता होगा,
दर्द जब भी देता होगा ये संदील ज़माना,
वो बेवफा मेरे प्यार को याद करता होगा!!

 

Meri Gali Se Wo Jab Bhi Gujarta Hoga
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