Thak Jao Agar Pathreele Rasto Par

थक जाओ गर पथरीले रास्तों पे चलते हुए,
कभी सोच ना लेना की वहाँ तन्हा हो तुम,

मूंद कर पलकों को अपनी जो तुम देखोगे,
अपने साथ ही सदा मुझ को पाओगे तुम,

हर वक़्त बुरा कट जाता है, यकीन करना,
आँखों में कभी तुम अश्क ना भर लेना,

गम भर जाए, मुस्कुराहट खोने लगे,
अपनी दुआओं में मुझ को पाओगे तुम,

इश्क़ नाम तो नहीं है मिलने का, दीदार का,
दिल से दिल का मिल जाना है नाम-ए-मोहब्बत,

जो याद आ जाए मेरी, ना समझना की दूर हूँ,
अपने सीने मैं धड़कता मुझ को पाओगे तुम,

वक़्त की गर्मी जो झुलसने लगे वजूद,
मेरी चाहत की नमी को महसूस करना,

जो सर्द हवाें ज़माने की आने लगें पास,
मेरी वाफाओं की गर्मी को महसूस करना,

मैं तुमसे जुदा तो नहीं हूँ मेरे हमदम,
अपने साथ ही सदा मुझ को पाओगे तुम!!

Visit Next Page

Thak Jao Agar Pathreele Rasto Par
Rate this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *