Yea Kambakht Teri Yadein Hume Bahot Tadpati Hai

(Last Updated On: October 12, 2018)

ये कम्बख़्त तेरी यादें हमें बहोत तड़पाती हैं,

चुप-चाप ही ये मेरे खवाबों में चली आती हैं,

सताती हैं हमें ये, हमें बहोत रूलाती भी हैं,

छु कर मेरी रूह को, अंधेरी राह में खो जाती हैं,

जब ढूढ़ते हैं उसको हम तेरी आहट से,

छेड़ कर मेरी चूड़ियों को ये फिर से चुप जाती हैं,

कैसे बतलाऊं मैं तुमको इसकी कहानी सनम,

ये कभी रूलाती तो कभी हमको बहोत हंसाती हैं,

तुझसे ज़्यादा करीब ये तेरी यादें रहती हैं,

जो मुझे हर पल तेरी शैतानी का किस्सा सुनाती हैं,

बन कर ये मेरी चाँदनी, मुझे राह दिखती हैं,

और कभी दौड़ कर मुझसे प्यार से लिपट जाती है!!

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